विषय
- हिन्दी चिट्ठाकारी सार्थक भूमिका और उसकी वर्तमान दशा और दिशा
- आपके विचारों मे हिन्दी चिट्ठाकारी को स्वर्णिम काल मे कैसे पहुँच सकती है ?
प्रत्येक वक्ता को निम्नतम बोलने की कोई समय सीमा नही होगी किन्तु अधिकतम 4 मिनट दिया जायेगा यदि वक्ता की बात समाप्त इस समायावधि मे समाप्त नही होती है तो वैकल्पिक 2 मिनट के अतिरिक्त समय की व्यवस्था होगी।
कार्यक्रम के दौरान वक्ता के बोलते समय किसी भी प्रकार के तर्क-वितर्क नही किया करेगा, वक्ता के वक्तव्य से उत्पन प्रश्नों को उपलब्ध नोट पैड पर लिख ले और चर्चा सत्र मे इसकों उठाये, ताकि किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न न हो। समय और परिस्थिति के अनुसार और संयोजन किये जायेगे।
हमारे लिये समय का समायोजन इसलिये भी आवाश्यक है क्योकि शायंकाल 5 बजे से प्रयाग भ्रमण की भी योजना है, और कुछ साथी जो बाहर से अपने काम अवकाश लेकर आयेगे उन्हे रात्रि मे प्रस्थान भी करना होगा।
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