शुक्रवार, 18 जून 2010

जूनियर ब्लॉगर एसोशिएशन की 'ब्लॉग निगरानी समिति' का गठन हुआ; ...पदाधिकारी चुने गए.

जूनियर ब्लॉगर एसोशिएशन की 'ब्लॉग निगरानी समिति' का गठन हुआ; सम्बंधित पदाधिकारी चुने गए. दिनांक 17.06.2010 को सर्वसम्मति से यह पारित हुआ कि अब 'जेबीए' की 'ब्लॉग निगरानी समिति' का गठन किया जाएगा. और इस हेतु तीन सदस्य को  इस ज़िम्मेदारी भरे कर्तव्य के लिए चुना गया. 

तीन सदस्यीय समिति के सदस्यों के नाम निम्न्वत हैं:::

सलीम ख़ान
चीफ़ ऑफ़ 'ब्लॉग निगरानी समिति'
मिथिलेश दुबे
अति-प्रमुख सहयोगी 'ब्लॉग निगरानी समिति'
सन्तोष कुमार "प्यासा"
प्रमुख सहयोगी 'ब्लॉग निगरानी समिति'

इस नाचीज़ और मिथिलेश दुबे और सन्तोष कुमार 'प्यासा' को बधाई दें... 

64 टिप्‍पणियां:

  1. आप तीनों को हार्दिक बधाई.

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  2. congratulation, i think u must try this website to increase traffic. have a nice day !!!

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  3. यह प्रयास बहुत ही अच्छा है....उम्मीद है की आप सभी की एकता और काम ब्लॉग जगत को और मजबूत करेगा....

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  4. जिन्दा लोगों की तलाश! मर्जी आपकी, आग्रह हमारा!!

    काले अंग्रेजों के विरुद्ध जारी संघर्ष को आगे बढाने के लिये, यह टिप्पणी प्रदर्शित होती रहे, आपका इतना सहयोग मिल सके तो भी कम नहीं होगा।
    ============

    उक्त शीर्षक पढकर अटपटा जरूर लग रहा होगा, लेकिन सच में इस देश को कुछ जिन्दा लोगों की तलाश है। सागर की तलाश में हम सिर्फ सिर्फ बूंद मात्र हैं, लेकिन सागर बूंद को नकार नहीं सकता। बूंद के बिना सागर को कोई फर्क नहीं पडता हो, लेकिन बूंद का सागर के बिना कोई अस्तित्व नहीं है।

    आग्रह है कि बूंद से सागर में मिलन की दुरूह राह में आप सहित प्रत्येक संवेदनशील व्यक्ति का सहयोग जरूरी है। यदि यह टिप्पणी प्रदर्शित होगी तो निश्चय ही विचार की यात्रा में आप भी सारथी बन जायेंगे।

    हम ऐसे कुछ जिन्दा लोगों की तलाश में हैं, जिनके दिल में भगत सिंह जैसा जज्बा तो हो, लेकिन इस जज्बे की आग से अपने आपको जलने से बचाने की समझ भी हो, क्योंकि जोश में भगत सिंह ने यही नासमझी की थी। जिसका दुःख आने वाली पीढियों को सदैव सताता रहेगा। गौरे अंग्रेजों के खिलाफ भगत सिंह, सुभाष चन्द्र बोस, असफाकउल्लाह खाँ, चन्द्र शेखर आजाद जैसे असंख्य आजादी के दीवानों की भांति अलख जगाने वाले समर्पित और जिन्दादिल लोगों की आज के काले अंग्रेजों के आतंक के खिलाफ बुद्धिमतापूर्ण तरीके से लडने हेतु तलाश है।

    इस देश में कानून का संरक्षण प्राप्त गुण्डों का राज कायम हो चुका है। सरकार द्वारा देश का विकास एवं उत्थान करने व जवाबदेह प्रशासनिक ढांचा खडा करने के लिये, हमसे हजारों तरीकों से टेक्स वूसला जाता है, लेकिन राजनेताओं के साथ-साथ अफसरशाही ने इस देश को खोखला और लोकतन्त्र को पंगु बना दिया गया है।

    अफसर, जिन्हें संविधान में लोक सेवक (जनता के नौकर) कहा गया है, हकीकत में जनता के स्वामी बन बैठे हैं। सरकारी धन को डकारना और जनता पर अत्याचार करना इन्होंने कानूनी अधिकार समझ लिया है। कुछ स्वार्थी लोग इनका साथ देकर देश की अस्सी प्रतिशत जनता का कदम-कदम पर शोषण एवं तिरस्कार कर रहे हैं।

    अतः हमें समझना होगा कि आज देश में भूख, चोरी, डकैती, मिलावट, जासूसी, नक्सलवाद, कालाबाजारी, मंहगाई आदि जो कुछ भी गैर-कानूनी ताण्डव हो रहा है, उसका सबसे बडा कारण है, भ्रष्ट एवं बेलगाम अफसरशाही द्वारा सत्ता का मनमाना दुरुपयोग करके भी कानून के शिकंजे बच निकलना।

    शहीद-ए-आजम भगत सिंह के आदर्शों को सामने रखकर 1993 में स्थापित-भ्रष्टाचार एवं अत्याचार अन्वेषण संस्थान (बास)-के 17 राज्यों में सेवारत 4300 से अधिक रजिस्टर्ड आजीवन सदस्यों की ओर से दूसरा सवाल-

    सरकारी कुर्सी पर बैठकर, भेदभाव, मनमानी, भ्रष्टाचार, अत्याचार, शोषण और गैर-कानूनी काम करने वाले लोक सेवकों को भारतीय दण्ड विधानों के तहत कठोर सजा नहीं मिलने के कारण आम व्यक्ति की प्रगति में रुकावट एवं देश की एकता, शान्ति, सम्प्रभुता और धर्म-निरपेक्षता को लगातार खतरा पैदा हो रहा है! हम हमारे इन नौकरों (लोक सेवकों) को यों हीं कब तक सहते रहेंगे?

    जो भी व्यक्ति स्वेच्छा से इस जनान्दोलन से जुडना चाहें, उसका स्वागत है और निःशुल्क सदस्यता फार्म प्राप्ति हेतु लिखें :-
    डॉ. पुरुषोत्तम मीणा, राष्ट्रीय अध्यक्ष
    भ्रष्टाचार एवं अत्याचार अन्वेषण संस्थान (बास)
    राष्ट्रीय अध्यक्ष का कार्यालय
    7, तँवर कॉलोनी, खातीपुरा रोड, जयपुर-302006 (राजस्थान)
    फोन : 0141-2222225 (सायं : 7 से 8) मो. 098285-02666
    E-mail : dr.purushottammeena@yahoo.in

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  5. चयनित तीनों महानुभावों को शुभाशीष एवं शुभकामनाएँ.

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  6. sbhi blogr bhaaiyn ko bdhaai ho kisi bhi rchnaatmk kaaryvaahi men aapkaa sath dene ke liyen gulaam bndaa haazir he. akhtar khan akela kota rajsthan. akhtarkhanakela.blogspot.com

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  7. बधाई तो देते ही हैं..पर बताएं कि ये काम क्या करेगी?
    जय हिन्द, जय बुन्देलखण्ड

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  8. आपका ब्लॉग देखा......... बहुत अच्छा लगा.... मेरी कामना है की आपके शब्दों को नित नए अर्थ मिलें और आप सृजन की नयी नयी ऊंचाइयां छुए. कभी समय निकाल कर मेरे ब्लॉग पर आयें.....

    http://www.hindi-nikash.blogspot.com

    सादर-
    आनंदकृष्ण, जबलपुर......

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  9. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

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  10. चयनित तीनों महानुभावों को शुभाशीष एवं शुभकामनाएँ.

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  11. " बाज़ार के बिस्तर पर स्खलित ज्ञान कभी क्रांति का जनक नहीं हो सकता "

    हिंदी चिट्ठाकारी की सरस और रहस्यमई दुनिया में राज-समाज और जन की आवाज "जनोक्ति.कॉम "आपके इस सुन्दर चिट्ठे का स्वागत करता है . चिट्ठे की सार्थकता को बनाये रखें . अपने राजनैतिक , सामाजिक , आर्थिक , सांस्कृतिक और मीडिया से जुडे आलेख , कविता , कहानियां , व्यंग आदि जनोक्ति पर पोस्ट करने के लिए नीचे दिए गये लिंक पर जाकर रजिस्टर करें . http://www.janokti.com/wp-login.php?action=register,
    जनोक्ति.कॉम www.janokti.com एक ऐसा हिंदी वेब पोर्टल है जो राज और समाज से जुडे विषयों पर जनपक्ष को पाठकों के सामने लाता है . हमारा प्रयास रोजाना 400 नये लोगों तक पहुँच रहा है . रोजाना नये-पुराने पाठकों की संख्या डेढ़ से दो हजार के बीच रहती है . 10 हजार के आस-पास पन्ने पढ़े जाते हैं . आप भी अपने कलम को अपना हथियार बनाइए और शामिल हो जाइए जनोक्ति परिवार में !

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  12. बधाई हैं..पर बताएं कि इसमें शामिल कैसे हुवा जाए| ये काम कैसे करेगी? सदस्यता कैसे दी जाएगी? सदस्यों को क्या लाभ होंगे? आदि आदि

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  13. चयनित तीनो भाईयों को बधाई.... अब यह भी बताया जाये कि सिनियर ब्लोगर एसोसियेशन की क्या स्थिति है :) उसमें कौन कौन हैं और उनका भी कोई माई बाप है क्या ?

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  14. bharatkesari.com par aapka blog char chand laga raha hai.aur apne ye jo prayas kiya hai wo bahut hi sarahniya kadam hai

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  15. आप लोगों को बधाई....हम सभी को मिठाई.......है न....

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  16. बधाई एवं धन्यवाद. अच्छा कदम है. भाषा भी ऐसी लिखी है जो लोगों को "ठीक" से समझ आ जाए. और कमान भी लगता है समर्थ हाथों में है.

    आपका उद्देश्य स्पष्ट है. आप निश्चय ही हिन्दी ब्लॉग जगत को "पाक और साफ" कर देंगे.

    मेरी शुभकामनाएँ.

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  17. बधाई हो बधाई...
    आपके ब्लाग पर आकर अच्छा लगा। हिंदी ब्लागिंग को आप और ऊंचाई तक पहुंचाएं, यही कामना है।
    http://gharkibaaten.blogspot.com

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  18. सलीम भाई,
    ब्लागवाणी के जरिए आई,
    स्वीकार करें पुनः बधाई।
    - -
    इंटरनेट के जरिए घर बैठे अतिरिक्त आमदनी के इच्छुक ब्लागर कृपया यहां पधारें - http://gharkibaaten.blogspot.com

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  19. Please accept my congratulations.
    Shailendra saxena"Sir"
    Ganj Basoda.M.P.
    09827249964

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  20. likha hai ki kahi aap beemar to nahi hai. dhoond ke batao ki kaun beemar nahi hai. aapka prayas achcha to hai par kam bada karna hai

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  21. बहुत-बहुत बधाई ......आप सभी को मिले ऊँचाई !

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  22. आप सब को बहुत-बहुत बधाई.

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  23. किस बात का एसोसिएशन भइया ? क्या आप लोग अब हिन्दी ब्लॉग जगत के स्वघोषित पुलिस बनने वाले हैं ?

    मेरी अभद्रता को क्षमा करें, परन्तु ब्लॉग होता है चित्त की स्वाधीनता के प्रकाश के लिए - इसे एसोसिएशन मे बाँधना क्या उस स्वाधीनता के प्रति न्याय होगा ?

    मुझमें संशय उत्पन्न हो रहा है, आशंका घर कर रही है....

    हिन्दी मेरी बड़ी चहेती है; उस पर किसी की ख़बरदारी मेरे लिए असह्य होगा....इसे अनुनय भी समझिए, और चेतावनी भी।

    "निगरानी" से बचिए, "निगरानी" करने से बचिए; मेरे ख़्याल से, जो ब्लॉग लिखने का दुस्साहस दिखा सकते हैं, उनमें इतनी मानसिक परिपक्वता तो होती है कि वो अपनी निगरानी ख़ुद कर सकें।

    और दूसरी बात : ये "जुनियर" क्या चीज़ है साहब ? ब्लॉग लिखने की दुनिया में शायद किसी को "जुनियर" या "सीनियर" समझने की भूल नहीं करनी चाहिए, क्योंकि ऐसे बहुत सारे "जुनियर्ज़" हैं जो अच्छे-अच्छे "सीनियर्ज़" के पैरों तले की ज़मीन खिसकाके निकाल ले जा सकते हैं। ये "ब्लॉगॉस्फियर" है भइया!

    अतःएव, ना मैं आपके इस नामकरण से सहमत हूँ, ना विधिकरण से.....

    मेरा रास्ता मुझे ख़ुद ही नापने दिजिए....मेरे सहयात्री बनना चाहें, आपका स्वागत है; परन्तु निरीक्षक मुझे स्वीकार्य नहीं...

    आपके सकुशलता की कामना करता हूँ,

    आपाततः इति,

    समिध रञ्जन भट्टाचार्य।

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  24. आप सभी को बधाइया स्वीकृत हो
    आपके सकुशलता की कामना करता हूँ,

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  25. junior blogger janon ki blognigrani samit

    de raha tumko badhai chintan ki sakti ho amit.

    jankr accha laga koi naya kuch kar raha.
    junior blogger ke dil me nootan saver la raha.

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  26. लेखन के लिये “उम्र कैदी” की ओर से शुभकामनाएँ।

    जीवन तो इंसान ही नहीं, बल्कि सभी जीव जीते हैं, लेकिन इस समाज में व्याप्त भ्रष्टाचार, मनमानी और भेदभावपूर्ण व्यवस्था के चलते कुछ लोगों के लिये मानव जीवन ही अभिशाप बन जाता है। अपना घर जेल से भी बुरी जगह बन जाता है। जिसके चलते अनेक लोग मजबूर होकर अपराधी भी बन जाते है। मैंने ऐसे लोगों को अपराधी बनते देखा है। मैंने अपराधी नहीं बनने का मार्ग चुना। मेरा निर्णय कितना सही या गलत था, ये तो पाठकों को तय करना है, लेकिन जो कुछ मैं पिछले तीन दशक से आज तक झेलता रहा हूँ, सह रहा हूँ और सहते रहने को विवश हूँ। उसके लिए कौन जिम्मेदार है? यह आप अर्थात समाज को तय करना है!

    मैं यह जरूर जनता हूँ कि जब तक मुझ जैसे परिस्थितियों में फंसे समस्याग्रस्त लोगों को समाज के लोग अपने हाल पर छोडकर आगे बढते जायेंगे, समाज के हालात लगातार बिगडते ही जायेंगे। बल्कि हालात बिगडते जाने का यह भी एक बडा कारण है।

    भगवान ना करे, लेकिन कल को आप या आपका कोई भी इस प्रकार के षडयन्त्र का कभी भी शिकार हो सकता है!

    अत: यदि आपके पास केवल कुछ मिनट का समय हो तो कृपया मुझ "उम्र-कैदी" का निम्न ब्लॉग पढने का कष्ट करें हो सकता है कि आपके अनुभवों/विचारों से मुझे कोई दिशा मिल जाये या मेरा जीवन संघर्ष आपके या अन्य किसी के काम आ जाये! लेकिन मुझे दया या रहम या दिखावटी सहानुभूति की जरूरत नहीं है।

    थोड़े से ज्ञान के आधार पर, यह ब्लॉग मैं खुद लिख रहा हूँ, इसे और अच्छा बनाने के लिए तथा अधिकतम पाठकों तक पहुँचाने के लिए तकनीकी जानकारी प्रदान करने वालों का आभारी रहूँगा।

    http://umraquaidi.blogspot.com/

    उक्त ब्लॉग पर आपकी एक सार्थक व मार्गदर्शक टिप्पणी की उम्मीद के साथ-आपका शुभचिन्तक
    “उम्र कैदी”

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  27. ब्‍लॉग्‍स की दुनिया में मैं आपका खैरकदम करता हूं, जो पहले आ गए उनको भी सलाम और जो मेरी तरह देर कर गए उनका भी देर से लेकिन दुरूस्‍त स्‍वागत। मैंने बनाया है रफटफ स्‍टॉक, जहां कुछ काम का है कुछ नाम का पर सब मुफत का और सब लुत्‍फ का, यहां आपको तकनीक की तमाशा भी मिलेगा और अदब की गहराई भी। आइए, देखिए और यह छोटी सी कोशिश अच्‍छी लगे तो आते भी रहिएगा


    http://ruftufstock.blogspot.com/

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  28. बधाई स्वीकारें॥ तो फिर........ सीनियर ब्लागर्स का क्या होगा.. :)

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  29. Ji Aap Ko Dhero Badhai Yadi Hamri Madad Chahiye To Sampark Kare 09307689551

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  30. प्रभावशाली ,
    जारी रहें।

    शुभकामना !!!

    आर्यावर्त
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