शुक्रवार, १८ जून २०१०

जूनियर ब्लॉगर एसोशिएशन की 'ब्लॉग निगरानी समिति' का गठन हुआ; ...पदाधिकारी चुने गए.

जूनियर ब्लॉगर एसोशिएशन की 'ब्लॉग निगरानी समिति' का गठन हुआ; सम्बंधित पदाधिकारी चुने गए. दिनांक 17.06.2010 को सर्वसम्मति से यह पारित हुआ कि अब 'जेबीए' की 'ब्लॉग निगरानी समिति' का गठन किया जाएगा. और इस हेतु तीन सदस्य को  इस ज़िम्मेदारी भरे कर्तव्य के लिए चुना गया. 

तीन सदस्यीय समिति के सदस्यों के नाम निम्न्वत हैं:::

सलीम ख़ान
चीफ़ ऑफ़ 'ब्लॉग निगरानी समिति'
मिथिलेश दुबे
अति-प्रमुख सहयोगी 'ब्लॉग निगरानी समिति'
सन्तोष कुमार "प्यासा"
प्रमुख सहयोगी 'ब्लॉग निगरानी समिति'

इस नाचीज़ और मिथिलेश दुबे और सन्तोष कुमार 'प्यासा' को बधाई दें... 

53 टिप्पणियाँ:

आशीष मिश्रा ने कहा…

आप सभी को बधाइया स्वीकृत हो

Mohammed Umar Kairanvi ने कहा…

बधाई

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ ने कहा…

लो जी, पूरा एक झौआ बधाई।

Shiv ने कहा…

आप तीनों को हार्दिक बधाई.

निशांत मिश्र - Nishant Mishra ने कहा…

बधाई हो चीफ़!:)

संगीता पुरी ने कहा…

बहुत बहुत बधाई !!

Maria Mcclain ने कहा…

congratulation, i think u must try this website to increase traffic. have a nice day !!!

सलीम ख़ान ने कहा…

@sabhi ko thanks

डॉ महेश सिन्हा ने कहा…

बधाई

Rector Kathuria ने कहा…

यह प्रयास बहुत ही अच्छा है....उम्मीद है की आप सभी की एकता और काम ब्लॉग जगत को और मजबूत करेगा....

Dr. Purushottam Lal Meena Editor PRESSPALIKA ने कहा…

जिन्दा लोगों की तलाश! मर्जी आपकी, आग्रह हमारा!!

काले अंग्रेजों के विरुद्ध जारी संघर्ष को आगे बढाने के लिये, यह टिप्पणी प्रदर्शित होती रहे, आपका इतना सहयोग मिल सके तो भी कम नहीं होगा।
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उक्त शीर्षक पढकर अटपटा जरूर लग रहा होगा, लेकिन सच में इस देश को कुछ जिन्दा लोगों की तलाश है। सागर की तलाश में हम सिर्फ सिर्फ बूंद मात्र हैं, लेकिन सागर बूंद को नकार नहीं सकता। बूंद के बिना सागर को कोई फर्क नहीं पडता हो, लेकिन बूंद का सागर के बिना कोई अस्तित्व नहीं है।

आग्रह है कि बूंद से सागर में मिलन की दुरूह राह में आप सहित प्रत्येक संवेदनशील व्यक्ति का सहयोग जरूरी है। यदि यह टिप्पणी प्रदर्शित होगी तो निश्चय ही विचार की यात्रा में आप भी सारथी बन जायेंगे।

हम ऐसे कुछ जिन्दा लोगों की तलाश में हैं, जिनके दिल में भगत सिंह जैसा जज्बा तो हो, लेकिन इस जज्बे की आग से अपने आपको जलने से बचाने की समझ भी हो, क्योंकि जोश में भगत सिंह ने यही नासमझी की थी। जिसका दुःख आने वाली पीढियों को सदैव सताता रहेगा। गौरे अंग्रेजों के खिलाफ भगत सिंह, सुभाष चन्द्र बोस, असफाकउल्लाह खाँ, चन्द्र शेखर आजाद जैसे असंख्य आजादी के दीवानों की भांति अलख जगाने वाले समर्पित और जिन्दादिल लोगों की आज के काले अंग्रेजों के आतंक के खिलाफ बुद्धिमतापूर्ण तरीके से लडने हेतु तलाश है।

इस देश में कानून का संरक्षण प्राप्त गुण्डों का राज कायम हो चुका है। सरकार द्वारा देश का विकास एवं उत्थान करने व जवाबदेह प्रशासनिक ढांचा खडा करने के लिये, हमसे हजारों तरीकों से टेक्स वूसला जाता है, लेकिन राजनेताओं के साथ-साथ अफसरशाही ने इस देश को खोखला और लोकतन्त्र को पंगु बना दिया गया है।

अफसर, जिन्हें संविधान में लोक सेवक (जनता के नौकर) कहा गया है, हकीकत में जनता के स्वामी बन बैठे हैं। सरकारी धन को डकारना और जनता पर अत्याचार करना इन्होंने कानूनी अधिकार समझ लिया है। कुछ स्वार्थी लोग इनका साथ देकर देश की अस्सी प्रतिशत जनता का कदम-कदम पर शोषण एवं तिरस्कार कर रहे हैं।

अतः हमें समझना होगा कि आज देश में भूख, चोरी, डकैती, मिलावट, जासूसी, नक्सलवाद, कालाबाजारी, मंहगाई आदि जो कुछ भी गैर-कानूनी ताण्डव हो रहा है, उसका सबसे बडा कारण है, भ्रष्ट एवं बेलगाम अफसरशाही द्वारा सत्ता का मनमाना दुरुपयोग करके भी कानून के शिकंजे बच निकलना।

शहीद-ए-आजम भगत सिंह के आदर्शों को सामने रखकर 1993 में स्थापित-भ्रष्टाचार एवं अत्याचार अन्वेषण संस्थान (बास)-के 17 राज्यों में सेवारत 4300 से अधिक रजिस्टर्ड आजीवन सदस्यों की ओर से दूसरा सवाल-

सरकारी कुर्सी पर बैठकर, भेदभाव, मनमानी, भ्रष्टाचार, अत्याचार, शोषण और गैर-कानूनी काम करने वाले लोक सेवकों को भारतीय दण्ड विधानों के तहत कठोर सजा नहीं मिलने के कारण आम व्यक्ति की प्रगति में रुकावट एवं देश की एकता, शान्ति, सम्प्रभुता और धर्म-निरपेक्षता को लगातार खतरा पैदा हो रहा है! हम हमारे इन नौकरों (लोक सेवकों) को यों हीं कब तक सहते रहेंगे?

जो भी व्यक्ति स्वेच्छा से इस जनान्दोलन से जुडना चाहें, उसका स्वागत है और निःशुल्क सदस्यता फार्म प्राप्ति हेतु लिखें :-
डॉ. पुरुषोत्तम मीणा, राष्ट्रीय अध्यक्ष
भ्रष्टाचार एवं अत्याचार अन्वेषण संस्थान (बास)
राष्ट्रीय अध्यक्ष का कार्यालय
7, तँवर कॉलोनी, खातीपुरा रोड, जयपुर-302006 (राजस्थान)
फोन : 0141-2222225 (सायं : 7 से 8) मो. 098285-02666
E-mail : dr.purushottammeena@yahoo.in

Dr. Purushottam Lal Meena Editor PRESSPALIKA ने कहा…

चयनित तीनों महानुभावों को शुभाशीष एवं शुभकामनाएँ.

निर्मला कपिला ने कहा…

तीनो को बधाईाउर शुभकामनायें

Akhtar Khan Akela ने कहा…

sbhi blogr bhaaiyn ko bdhaai ho kisi bhi rchnaatmk kaaryvaahi men aapkaa sath dene ke liyen gulaam bndaa haazir he. akhtar khan akela kota rajsthan. akhtarkhanakela.blogspot.com

संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari ने कहा…

बधाई हो.

डॉ० कुमारेन्द्र सिंह सेंगर ने कहा…

बधाई तो देते ही हैं..पर बताएं कि ये काम क्या करेगी?
जय हिन्द, जय बुन्देलखण्ड

आनंदकृष्ण ने कहा…

आपका ब्लॉग देखा......... बहुत अच्छा लगा.... मेरी कामना है की आपके शब्दों को नित नए अर्थ मिलें और आप सृजन की नयी नयी ऊंचाइयां छुए. कभी समय निकाल कर मेरे ब्लॉग पर आयें.....

http://www.hindi-nikash.blogspot.com

सादर-
आनंदकृष्ण, जबलपुर......

डा० अमर कुमार ने कहा…


खुश-आमदीद

Neeraj Rohilla ने कहा…
यह पोस्टलेखक के द्वारा निकाल दी गई है.
Neeraj Rohilla ने कहा…

Quis custodiet ipsos custodes?

RAJNISH PARIHAR ने कहा…

चयनित तीनों महानुभावों को शुभाशीष एवं शुभकामनाएँ.

Monika ने कहा…

बहुत बहुत मुबारक हो.

सलीम ख़ान ने कहा…

thnx 2 all !!!

जयराम “विप्लव” { jayram"viplav" } ने कहा…

" बाज़ार के बिस्तर पर स्खलित ज्ञान कभी क्रांति का जनक नहीं हो सकता "

हिंदी चिट्ठाकारी की सरस और रहस्यमई दुनिया में राज-समाज और जन की आवाज "जनोक्ति.कॉम "आपके इस सुन्दर चिट्ठे का स्वागत करता है . चिट्ठे की सार्थकता को बनाये रखें . अपने राजनैतिक , सामाजिक , आर्थिक , सांस्कृतिक और मीडिया से जुडे आलेख , कविता , कहानियां , व्यंग आदि जनोक्ति पर पोस्ट करने के लिए नीचे दिए गये लिंक पर जाकर रजिस्टर करें . http://www.janokti.com/wp-login.php?action=register,
जनोक्ति.कॉम www.janokti.com एक ऐसा हिंदी वेब पोर्टल है जो राज और समाज से जुडे विषयों पर जनपक्ष को पाठकों के सामने लाता है . हमारा प्रयास रोजाना 400 नये लोगों तक पहुँच रहा है . रोजाना नये-पुराने पाठकों की संख्या डेढ़ से दो हजार के बीच रहती है . 10 हजार के आस-पास पन्ने पढ़े जाते हैं . आप भी अपने कलम को अपना हथियार बनाइए और शामिल हो जाइए जनोक्ति परिवार में !

E-Guru Rajeev ने कहा…

:-)

shashikantsuman ने कहा…

बधाई हैं..पर बताएं कि इसमें शामिल कैसे हुवा जाए| ये काम कैसे करेगी? सदस्यता कैसे दी जाएगी? सदस्यों को क्या लाभ होंगे? आदि आदि

मोहिन्दर कुमार ने कहा…

चयनित तीनो भाईयों को बधाई.... अब यह भी बताया जाये कि सिनियर ब्लोगर एसोसियेशन की क्या स्थिति है :) उसमें कौन कौन हैं और उनका भी कोई माई बाप है क्या ?

आदेश कुमार पंकज ने कहा…

बहुत - बहुत बधाई

कौशल तिवारी 'मयूख' ने कहा…

desh ke liye kuchh kar sako to achha hoga

सलीम ख़ान ने कहा…

thansk for your valuable comments !!!

Udan Tashtari ने कहा…

बधाई सभी को!

राम त्यागी ने कहा…

ye hai kya ???

PADMSINGH ने कहा…

बधाई !!

BAL SAJAG ने कहा…

badhai ho aap sabhi ko

Shah Nawaz ने कहा…

बहुत-बहुत बधाई!

Jaswant ने कहा…

bharatkesari.com par aapka blog char chand laga raha hai.aur apne ye jo prayas kiya hai wo bahut hi sarahniya kadam hai

प्रसन्न वदन चतुर्वेदी ने कहा…

आप लोगों को बधाई....हम सभी को मिठाई.......है न....

पंकज बेंगाणी ने कहा…

बधाई एवं धन्यवाद. अच्छा कदम है. भाषा भी ऐसी लिखी है जो लोगों को "ठीक" से समझ आ जाए. और कमान भी लगता है समर्थ हाथों में है.

आपका उद्देश्य स्पष्ट है. आप निश्चय ही हिन्दी ब्लॉग जगत को "पाक और साफ" कर देंगे.

मेरी शुभकामनाएँ.

anuradha srivastav ने कहा…

बधाई..................

anjana ने कहा…

बहुत बहुत बधाई ........

Sarita ने कहा…

बधाई हो बधाई...
आपके ब्लाग पर आकर अच्छा लगा। हिंदी ब्लागिंग को आप और ऊंचाई तक पहुंचाएं, यही कामना है।
http://gharkibaaten.blogspot.com

ana ने कहा…

badhai.............bahut kuchh dekhne ko milega....

Shiv ने कहा…

Badhai.

सलीम ख़ान ने कहा…

sabi ka dhanywaad !

Sarita ने कहा…

सलीम भाई,
ब्लागवाणी के जरिए आई,
स्वीकार करें पुनः बधाई।
- -
इंटरनेट के जरिए घर बैठे अतिरिक्त आमदनी के इच्छुक ब्लागर कृपया यहां पधारें - http://gharkibaaten.blogspot.com

Shailendra Saxena ने कहा…

Please accept my congratulations.
Shailendra saxena"Sir"
Ganj Basoda.M.P.
09827249964

anilupadhyaya.5 ने कहा…

likha hai ki kahi aap beemar to nahi hai. dhoond ke batao ki kaun beemar nahi hai. aapka prayas achcha to hai par kam bada karna hai

रवीन्द्र प्रभात ने कहा…

बहुत-बहुत बधाई ......आप सभी को मिले ऊँचाई !

Birendra ने कहा…

Bahut-bahut badhai.

Shiv ने कहा…

आप सब को बहुत-बहुत बधाई.

ज्ञानदत्त पाण्डेय Gyandutt Pandey ने कहा…

आप सब को बहुत-बहुत बधाई.

Samidh Ranjan ने कहा…

किस बात का एसोसिएशन भइया ? क्या आप लोग अब हिन्दी ब्लॉग जगत के स्वघोषित पुलिस बनने वाले हैं ?

मेरी अभद्रता को क्षमा करें, परन्तु ब्लॉग होता है चित्त की स्वाधीनता के प्रकाश के लिए - इसे एसोसिएशन मे बाँधना क्या उस स्वाधीनता के प्रति न्याय होगा ?

मुझमें संशय उत्पन्न हो रहा है, आशंका घर कर रही है....

हिन्दी मेरी बड़ी चहेती है; उस पर किसी की ख़बरदारी मेरे लिए असह्य होगा....इसे अनुनय भी समझिए, और चेतावनी भी।

"निगरानी" से बचिए, "निगरानी" करने से बचिए; मेरे ख़्याल से, जो ब्लॉग लिखने का दुस्साहस दिखा सकते हैं, उनमें इतनी मानसिक परिपक्वता तो होती है कि वो अपनी निगरानी ख़ुद कर सकें।

और दूसरी बात : ये "जुनियर" क्या चीज़ है साहब ? ब्लॉग लिखने की दुनिया में शायद किसी को "जुनियर" या "सीनियर" समझने की भूल नहीं करनी चाहिए, क्योंकि ऐसे बहुत सारे "जुनियर्ज़" हैं जो अच्छे-अच्छे "सीनियर्ज़" के पैरों तले की ज़मीन खिसकाके निकाल ले जा सकते हैं। ये "ब्लॉगॉस्फियर" है भइया!

अतःएव, ना मैं आपके इस नामकरण से सहमत हूँ, ना विधिकरण से.....

मेरा रास्ता मुझे ख़ुद ही नापने दिजिए....मेरे सहयात्री बनना चाहें, आपका स्वागत है; परन्तु निरीक्षक मुझे स्वीकार्य नहीं...

आपके सकुशलता की कामना करता हूँ,

आपाततः इति,

समिध रञ्जन भट्टाचार्य।

सुमन कुमार ने कहा…

आप सभी को बधाइया स्वीकृत हो
आपके सकुशलता की कामना करता हूँ,

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