शुक्रवार, 18 जून 2010

जूनियर ब्लॉगर एसोशिएशन की 'ब्लॉग निगरानी समिति' का गठन हुआ; ...पदाधिकारी चुने गए.

जूनियर ब्लॉगर एसोशिएशन की 'ब्लॉग निगरानी समिति' का गठन हुआ; सम्बंधित पदाधिकारी चुने गए. दिनांक 17.06.2010 को सर्वसम्मति से यह पारित हुआ कि अब 'जेबीए' की 'ब्लॉग निगरानी समिति' का गठन किया जाएगा. और इस हेतु तीन सदस्य को  इस ज़िम्मेदारी भरे कर्तव्य के लिए चुना गया. 

तीन सदस्यीय समिति के सदस्यों के नाम निम्न्वत हैं:::

सलीम ख़ान
चीफ़ ऑफ़ 'ब्लॉग निगरानी समिति'
मिथिलेश दुबे
अति-प्रमुख सहयोगी 'ब्लॉग निगरानी समिति'
सन्तोष कुमार "प्यासा"
प्रमुख सहयोगी 'ब्लॉग निगरानी समिति'

इस नाचीज़ और मिथिलेश दुबे और सन्तोष कुमार 'प्यासा' को बधाई दें... 

गुरुवार, 17 जून 2010

इलाहाबाद धोषणा पत्र - जबरन बंद करवाये जायेगें मठा‍धीशों के अवैध मठ

जूनियर ब्‍लाँगर एसोसिएशन की इलाहाबाद मीट मे प्रथम पोस्‍ट मे जूनियर ब्लॉगर एसोसिएशन की आधिकारिक घोषणा- चिट्ठाकार करे ब्‍लागिंग आचार संहिता का पालन अन्‍यथा होगी कार्रवाई की बात कही गई थी। इसी श्रृंखला मे एक अन्‍य महत्‍वपूर्ण विषय गुटबंदी और मठाधीशी पर चर्चा हुई।

हिन्‍दी चिट्ठाकारी मे मठाधीशी, गुटबंदी और गुटबाजी जैसे शब्‍द प्रारम्‍भ से चलते चले आये है। इनके उपर कई बार व्‍यापक बहस और द्वंद तक हो चुका है। क्‍या वास्‍तव मे गुटबाजी या मठाधीशी हिन्‍दी चिट्ठाकारी के लिये हानिकारक है तो यह एक बड़ा प्रश्‍न होगा, और इस प्रश्‍न के उत्तर का दिलचस्‍प होना भी स्‍वाभाविक है। गुटबाजी या मठाधीशी हमेशा हानिकारक नही होती है जब‍ तक कि उनका उद्देश्‍य बुरा न हो।


चिट्ठाकारी के भूत और वर्तमान समय मे हिन्‍दी ब्‍लागिंग मे कुछ ऐसे तत्‍व विद्यामान रहे है जिन्‍हे लगता है कि उनके बिना हिन्‍दी चिट्ठाकारी शून्‍य हो जायेगी और अपनी अहमियत को बनाने के लिये ऐसे गुट और मठ का निर्माण करते है और अपने कार्य रवैयों के द्वारा ब्‍लाग जगत का महोल अशान्‍त करते रहते है। जूनियर ब्‍लाँगर एसोसिएशन की इलाहाबाद सम्‍मेलन मे ऐसे मठो और मठाधीशों समूलनाश करने का फैसला लिया गया जिसने कारण हिन्‍दी चिट्ठकारी का सबसे अधिक नुकसान हुआ है। हिन्‍दी चिट्ठकारी की सबसे बड़ी हक़ीकत यही है कि प्रतिष्‍ठा की बेदी पर बने मठो मे नवोदित ब्‍लागरों बलि दी जाती है। बैठक मे इस बात पर जोर देकर कहा गया कि पुराने ब्‍लागरों को चाहिये कि नये ब्‍लागरों को प्रोत्‍साहित किया जाये, अगर नवोदित ब्‍लागर के किसी भी प्रकार की ग‍ल‍ती होती है तो पुराने ब्‍लागरों द्वारा जितनी बार क्षम्‍य हो सके, क्षमा किया जाना चाहिये। क्‍योकि कोई उम्र मे कोई कितना भी बड़ा ब्‍लागर क्‍यो‍ न हो पर हो सकता है कि उसे चिट्ठकारी के नियम व्‍यवहार की जानकारी न हो, तो भूल या गलती स्‍वाभविक है। अगर चिट्ठकारों द्वारा इस नये परम्‍परा का निर्वहन किया जायेगा तो निश्चित रूप से ब्‍लागिंग नये आयाम तक पहुँचेगी। वरिष्‍ठ ब्‍लागरों के द्वारा ब्‍लागिंग मे स्‍वस्‍थ्‍य परम्‍परा का निर्माण होगा, नवीन ब्‍लागरों द्वारा पुराने ब्‍लागरों के प्रति सम्‍मान मे भी वृद्धि होगी। चिट्ठकारी बड़ी हकीक़त है कि ब्‍लागरों की ब्‍लागिंग ब्‍लाग पोस्‍टो से ज्‍यादा चैट बॉक्‍सों तथा टेलीफोनो पर होती है, और इन्‍ही माध्‍यमों द्वारा षड़यंत्रों की व्‍यूह रचना की जाती है। इसी व्‍यूह रचना में विवादों को जम कर हवा दी जाती है पोस्‍टो पर पंसद के चटके और रेटिग बढ़ाने की अपीले की जाती है। हिन्‍दी चिट्ठकारों के द्वारा इस कृत्‍य औचित्‍य क्‍या है?

जूनियर ब्‍लागर एसोसिएशन में मुक्त स्‍वर से यह धोषणा कि गई कि -

  1. न‍वोदित ब्‍लागरों के खिलाफ़ यदि भविष्‍य मे किसी प्रकार(चाहे वह दोषी हो या न हो) की विरोध मुहीम चलाई गई तो जूनियर ब्‍लागर एसोसिएशन इसका विरोध करेगा
  2. किसी भी प्रकार के मठ या मठाधीशों को जबरन बंद करवाया जायेगा यदि वह आतंकी गतिविधियों तथा षड़यंत्रो व्‍यूह रचना मे लिप्‍त पाये जाते है।
वर्तमान और भविष्‍य में कोई भी ब्‍लागर ऐसी गतिविधियों मे लिप्‍त पाये जाते है तो परिणाम भुगतने की स्‍वयं की जिम्मेदारी होगी, जूनियर ब्‍लागर एसोसिएशन ऐसे ब्‍लागरों से सख्‍ती से‍ निपटेगा।

बुधवार, 16 जून 2010

जूनियर ब्लॉगर एसोसिएशन की आधिकारिक घोषणा- चिट्ठाकार करे ब्‍लागिंग आचार संहिता का पालन अन्‍यथा होगी कार्रवाई

इलाहाबाद में आयोजित जूनियर ब्लॉगर एसोसिएशन की प्रथम बैठक मे हिन्‍दी चिट्ठाकारी की सार्थकता को सिद्ध करने पर महत्‍पूर्ण चर्चा हुई, जिसमें कई महत्‍वपूर्ण विषयों में से एक ''हिन्‍दी चिट्ठकारों की आचार संहिता'' का मुद्दा चिट्ठाकारों के लिये सबसे महत्‍वपूर्ण एवं आवश्‍यक है कि ब्‍लागर नैतिक रूप से हिन्‍दी चिट्ठकारी के प्रति समर्पित हों, चिट्ठकारों कि यही सर्मपण भावना हिन्दी ब्‍लागिंग को नैतिक बल प्रदान कर सकती है।

अगर चिट्ठकार अपने नैतिक दायित्‍वो को समझे तो हिन्‍दी चिट्ठकारी को विवादों से बचाया जा सकता है। जैसा कि आम तौर पर चिट्ठकारों द्वारा किसी अन्‍य ब्‍लागरों का नामोल्‍लेख कर विवादित लेखन किया जाता है इससें चिट्ठाकारी निरंतर पक्षाघात होता है। ब्‍लागरों को चाहिये कि वह यदि किसी ब्‍लागर के व‍िरूद्ध भी लिखे तो प्रत्‍यक्ष नामोल्‍लेख करने से बचे, बिना नाम के उल्‍लेख किये भी बड़ी बड़ी बातो को गम्‍भीरता से रखकर भी पोस्‍ट तैयार की जा सकती है।


निष्‍कर्ष
जूनियर ब्लॉगर एसोसिएशन यह घोषणा करता है कि कोई भी ब्‍लागर चाहे वह वरिष्‍ठ हो अथवा गरिष्‍ट, जूनियर हो या पिद्दी, भविष्‍य मे किसी के खिलाफ अश्‍लील, अपत्ति जनक, असभ्‍य,भौड़ा हास्‍य, भडकाऊ एवं अनावश्‍यक नामोलेखक करते हुये कोई ब्‍लागर लेख लिखता है और फला ब्‍लागर अपत्ति करता है तो उसके खिलाफ जूनियर ब्लॉगर एसोसिएशन जैसे को तैसा नियम के तहत कार्यवाही कि जायेगी।